इस गांव में नहीं मिला एक भी कोरोना संक्रमित, ग्रामीणों ने ऐसे दी महामारी को मात

एक तरफ कोरोना वायरस की गांवों में घुसने की बाते सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में एक ऐसा गांव हैं, जहां कोरोना का कोई असर नहीं है। गांव के लोगों ने सतर्कता के साथ समझदारी दिखाई तो इस महामारी में उनका बचाव हो गया। आज इस गांव में बहुत जरूरत पड़ने पर ही कोई रिश्तेदार किसी के घर पहुंचता है। ज्यादातर लोगों ने रिश्तेदारों से ही दूरी बना ली है। इस महामारी के दौर में यह गांव लोगों के लिए प्रेरणादायी बना हुआ है।

महराजगंज। जिले के परतावल ब्लॉक के इस गांव का नाम पिपरपाती है। यहां के रहने वाले लोगों ने कोरोना महामारी में काफी सतर्कता बरती। यही कारण है कि गांव में कोरोना नहीं घुस सका। हल्की-फुल्की तबीयत खराब हुई तो लोगों ने आयुर्वेद का नुस्खा अपनाया और ठीक हो गए। कोरोना काल में किसी ग्रामीण को गंभीर बीमार नहीं हुई। इस गांव की कुल आबादी करीब 3500 है। 

गांव में सेमरहना एवं निबियहवा नाम का दो टोला है। गांव से पीएचसी श्यामदेउरवां महज एक किमी दूर है। ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही लोग यहां चिकित्सक से संपर्क कर दवा लेते हैं। गांव के छोटे सिंह व बलवंत ने कहा कि पहली एवं दूसरी लहर में गांव में कोरोना नहीं घुसा। अगर कोई बाहर से आता है तो उसे कुछ दिन होम क्वारंटीन कर दिया जाता है। गांव के ज्यादातर लोग नियमित योगा करते हैं।

उग्रसेन, अजय एवं अरविंद ने बताया कि गांव में ज्यादा लोगों ने रिश्तेदारों को आने से मना कर रखा है। फोन से ही हालचाल हो जाता है। अगर बहुत जरूरत पड़ती है तो कोई कभी कभार आ जाता है। लोग नियम से योगा, संतुलित भोजन के साथ हल्दीयुक्त दूध व काढ़े का सेवन करते हैं।

ग्राम प्रधान मालती देवी ने बताया कि गांव को सैनिटाइज कराने के साथ ही चूना, ब्लीचिंग का छिड़काव कराया गया है। लोगों में जरूरत के हिसाब से मास्क वितरित किया जाता है। लोग जरूरत पड़ने पर ही अपने घरों से बाहर निकलते हैं। इन दिनों सभी लोग घर में रहते हुए अपने बचाव के प्रति सजग हैं। लोगों की सतर्कता की वजह से गांव में कोरोना नहीं घुस पाया।

ग्राम सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि पिपरपाती गांव के लोग काफी जागरूक हैं। कोरोना से बचाव के लिए योगा करते हैं। गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यह गांव अन्य गांव के लोगों के लिए प्रेरणादायक है।

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