सीएम योगी ने चेताया-कोरोना के साथ जेई-एईएस और डेंगू से लड़ने को भी रहें तैयार, इंसेफेलाइटिस का सबसे पहले ईटीसी पर हो इलाज

सीएम योगी ने चेताया-कोरोना के साथ जेई-एईएस और डेंगू से लड़ने को भी रहें तैयार, इंसेफेलाइटिस का सबसे पहले ईटीसी पर हो इलाज



गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बीआरडी मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। उन्होंने गोरखपुर और बस्ती मंडल में कोरोना और संचारी रोगों के नियंत्रण अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानसून समय से पहले आ गया है। जेई, एईएस, डेंगू का प्रकोप कोरोना के साथ शुरू हो गया है। इसलिए इस वर्ष चुनौतियां ज्यादा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह से तैयार रहना होगा। गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में सबसे अधिक जेई और एईएस के मरीज मिलते हैं। ऐसी स्थिति में यह तय किया जाए कि इंसेफेलाइटिस के मरीज सीधे बीआरडी न पहुंचे। बल्कि उनका इलाज ईटीसी सेंटरों पर हो। 



सीएम ने कहा कि अगर बीआरडी में सीधे इंसेफेलाइटिस के मरीज आते हैं, तो यह देखा जाए कि मरीज किस जिले के हैं और मरीज का इलाज उस जिले के जिला अस्पताल या फिर ईटीसी सेंटर पर हुआ है या नहीं। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित की जवाबदेही तय करें। 


 


मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने आज बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में गोरखपुर व बस्ती मंडल में जापानी इंसेफेलाइटिस, ए.ई.एस., संचारी रोग तथा कोविड-19 की रोकथाम व आमजन को समय पर समुचित उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। pic.twitter.com/uDBSSYaVFd


 


— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 6, 2020


इंसेफेलाइटिस का प्रकोप है घटा 


सीएम ने कहा कि सेबे में इंसेफेलाइटिस का सबसे ज्यादा प्रकोप गोरखपुर और बस्ती मंडल में होता है। करीब 90 फीसदी मरीज इस क्षेत्र से आते हैं। ज्यादातार मौतें जेई और एईएस से होती है। पिछले साल विभागीय समन्वयक के माध्यम से बीमारी में 60 फीसदी और मौतों में 90 फीसदी कमी आई है। जेई, एईएस और डेंगू के साथ कोरोना है। ऐसे में समस्या गहरा सकती है। इसलिए समीक्षा बैठक करनी पड़ी। व्यापक कार्य योजना बनी है। 


 


हर गांव में होगी कोरोना संक्रमितों की खोज


सीएम ने कहा कि प्रदेश में हर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्विलांस की टीम सक्रिय किए गए हैं। यह टीम दो काम करेगी। वह गांव में कोरोना की स्क्रीनिंग के साथ ही जेई, एईएस, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की पहचान करेगी। ऐसे मरीजों की लिस्ट तैयार की जाएगी। 


 


अस्पतालों में न हो ऑक्सीजन की कमी


सीएम ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अस्पताल में बैकअप के साथ पूरी तैयारी रखी जाए। इंसेफेलाइटिस और कोरोना वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के पर्याप्त इंतजाम हों। जेई और एईएस की ट्रेनिंग की व्यवस्था करते हुए जिले स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाए। इस दौरान अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, मंडलायुक्त जयंत नर्लिकर, मंडलायुक्त बस्ती अनिल सागर, डीएम के विजयेंद्र पांडियन, सिद्धार्थनगर डीएम दीपक मीणा, बस्ती डीएम आशुतोष रंजन, महराजगंज डीएम डॉ उज्जवल कुमार आदि मौजूद रहे। 


 


जिले स्तर पर टीम-11 का हो गठन


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश स्तर पर टीम-11 का गठन कर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उस पर डीएम की निगरानी में भी जिले स्तर पर टीम-11 का गठन किया जाए। यह लोग कोरोना संक्रमण के कार्यों की निगरानी करेंगे। 


 


हेल्प डेस्क का किया जाए उपयोग 


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सीएचसी और पीएचसी पर हेल्प डेस्क बनाया जाए और उसका पूरा उपयोग किया जाए। कोविड-19 से बचाव से लेकर अन्य संबंधी जानकारियां हेल्प डेस्क के जरिए मरीजों को दी जाए। इसमें एक डॉक्टर की तैनाती की जाए। 


 


निजी अस्पतालों का भी लें सहयोग 


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं में अगर कोई खामी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लिया जाए। जांच की प्रक्रिया के तहत जो मानक तय किए गए हैं, उन्हें निजी अस्पतालों से पूरा कराते हुए कोविड-19 की जांच निजी अस्पतालों में भी कराई जाए। एंटीजन किट का इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में की जाएं। गांव से लेकर शहर के वार्डों में निरीक्षण कर साफ-सफाई व्यवस्था देखे। टीम के लोग ग्रामीणों को बताएं कि पानी उबालकर पीएं।


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