वैक्सीन पर वार: सरकारी अस्पतालों में स्लॉट नहीं, निजी में लग रहा महंगा टीका


गोरखपुर। कोरोना से बचाव के लिए सरकारी अस्पतालों में लगने वाले टीके के स्लॉट को बुक करना किसी जंग को लड़ने जैसा है। सरकारी बूथों पर वैक्सीन लगवाने के लिए लंबी वेंटिंग है। स्लॉट खुलते ही पांच से 10 मिनट में यह बुक हो जा रहा है। स्लॉट का खेल सुबह आठ से लेकर साढ़े आठ के बीच में हो रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में एक डोज के लिए अब 850 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोग निजी अस्पतालों की ओर नहीं जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक शहर के तीन निजी अस्पतालों में शाही ग्लोबल हॉस्पिटल, लाइफ केयर हॉस्पिटल और सृजन आई हॉस्पिटल में वैक्सीन लगाई जा रही है। इन अस्पतालों को अभी केवल 10-10 स्लॉट ही मिले हैं। इन्हें कोविशील्ड वैक्सीन दी जा रही है जबकि शहर के 70 सरकारी बूथों पर वैक्सीनेशन हो रहा है, लेकिन इन बूथों पर बुकिंग ऐसी है कि महज पांच से सात मिनट के अंदर सभी स्लॉट बुक हो जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्रों में तो किसी तरह युवा वर्ग स्लॉट बुक कर ले रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को बुकिंग में काफी परेशानी आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग एक डोज का 850 रुपये देने के लिए तैयार भी नहीं है। ऐसे में वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है।


उमड़ रही युवाओं की भीड़

दूसरी तरफ युवा वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं। हर बूथों पर केवल युवाओं की भीड़ देखी जा रही है। इसकी वजह यह है कि युवा इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं और वह तकनीकी रूप से जानकार भी हैं। ऐसे में आसानी से वह स्लॉट की बुकिंग कर ले रहे हैं। दाउदपुर की रहने वाली शांति प्रिया ने बताया कि तीन साल का बेटा है। रजिस्ट्रेशन कर चुकी हूं। दो दिनों से अभिभावक बूथ पर स्लॉट बुक करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन 60 स्लॉट बुक होने के बाद बुकिंग नहीं हो पा रही है।

पहले कोवैक्सीन लगवाई, अब स्लॉट की बुकिंग नहीं हो पा रही

बेतियाहाता के रहने वाले प्रशांत ने बताया कि 10 मई को कोवैक्सीन की पहली डोज जिला अस्पताल में लगवाई गई थी। कोवैक्सीन की दूसरी डोज 28 से 30 दिनों के बीच लगनी है। दूसरी डोज की बुकिंग के लिए लगातार प्रयासरत हूं, लेकिन स्लॉट की बुकिंग नहीं हो पा रही है जबकि वैक्सीन लगवाने में महज पांच दिन और, शेष हैं।

सहज जन सेवा केंद्रों को भी दी गई थी ट्रेनिंग

ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड टीकाकरण के रजिस्ट्रेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शासन की पहल पर सहज जन सेवा केंद्रों का सहयोग लेने की बात कही थी। इसे लेकर जिले के 100 सहज जन सेवा केंद्रों को ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी गई थी। लेकिन यह केंद्र ग्रामीणों का सहयोग नहीं कर रहे हैं। निशुल्क रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच से 10 रुपये ले रहे हैं। इसकी वजह से लोग इन केंद्रों तक पहुुंच नहीं रहे हैं।

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