बच्चों को कोविड से बचाने में चिकित्सकों व स्वास्थकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण


- पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेण्ट क्षमता संवर्धन के दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

- विशेषज्ञों ने विविध जानकारियों से कराया अवगत, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


संतकबीरनगर। सीएमओ डॉ. इन्द्रविजय विश्वकर्मा ने कहा कि विशेषज्ञों के द्वारा कोविड की तीसरी लहर के सम्बन्ध में चर्चा चल रही है। यह जरुरी नहीं कि तीसरी लहर आए लेकिन हमें पहले से तैयार रहना आवश्यक है। इसी क्रम में पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेण्ट के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। सभी प्रतिभागी इस प्रशिक्षण को पूर्ण करें तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ ही फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी प्रारंभिक जानकारियों से अवगत कराते रहें, । ताकि संभावित तीसरी लहर से लड़ने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।

उक्त बातें उन्होने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेण्ट क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होने प्रशिक्षकों से यह कहा कि कोई भी विषय छूटे न और सहज, सरल और जहां तक संभव को प्रायोगिक तरीके से उन्हें इसके बारे में जानकारी दे। इस दौरान डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ वरूणेश कुमार दूबे, अरविन्द कुमार तथा उत्तर प्रदेश टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (यूपीटीएसयू) के चिकित्सकों ने विविध विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया। वहीं एसीएमओ आरसीएच डॉ. मोहन झा, सीएमए डॉ ओ पी चतुर्वेदी और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस. रहमान ने भी विषयगत जानकारी प्रदान किया।

इस दौरान जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार, डॉ. वी के सोनी, डॉ. सोहन प्रसाद गुप्ता, डॉ. एस आर यादव, डॉ. आई डी गौरव,चिकित्साधिकारी डॉ. यासिर खान, डॉ. कमलेश्वर शर्मा, डॉ. अम्बरीष चौधरी, डॉ. जावेद, डॉ. मनीष पाण्डेय,  एनेस्थेटिक्स डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी, पीआईसीयू की स्टाफ नर्स वन्दना यादव, हेमा कुशवाहा, ज्योति पाण्डेय, के साथ ही जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों के स्टाफ नर्स समेत कुल 30 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
 

दी गई यह महत्वपूर्ण जानकारी

एसीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि इस दौरान चिकित्सा अधिकारी,बाल रोग विशेषज्ञ , स्टाफ नर्स, पीआईसीयू स्टाफ नर्सेज को स्किल लैब बेस ट्रेनिंग के साथ ही मैनेजमेण्ट आफ पिडियाट्रिक पेसेंट - खतरे के चिन्ह,बेसिक लाइफ सपोर्ट, आक्सीजन थैरेपी, नेबुलाइजर, स्पेंसर, पल्स आक्सीमीटर के प्रयोग, ब्लड सैम्पल कलेक्शन, ब्लड सुगर चेक करने के लिए ग्लूकोमीटर का प्रयोग, ओरल एण्ड एनजी ट्यूब से फीडिंग, इमरजेंसी दवाएं, कोविड टेस्ट, हैण्ड हाईजिन, पीपीई किट , बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेण्ट, प्रयोग होने वाले उपकरणों की चेकलिस्ट, रेफरल गाइडलाइन,बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम न्यूबार्न एण्ड पिडियाट्रिक्स के बारे में प्रशिक्षित किया गया।

 

90 स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित

वर्तमान बैच के प्रशिक्षण के अतिरिक्त दो अन्य बैच का पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेण्ट प्रशिक्षण होगा। 30 प्रतिभागियों के दूसरे बैच का प्रशिक्षण एक और दो जुलाई को तथा 30 प्रतिभागियों के तीसरे बैच का प्रशिक्षण तीन और पांच जुलाई को सम्पन्न होगा। इस प्रकार कुल 90 चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों का प्रशिक्षण होगा। दो दिनों के इस प्रशिक्षण में प्रतिभागी, बच्चों में कोविड मैनेजमेण्ट के विभिन्न गुर सीखेंगे।

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