शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मुहैया कराना मुख्य उद्देश : कौशलया नंदगिरी

देहरादून उत्तराखंड में जन्मी महामंडलेश्वर कौशलया नंदगिरी का कर्म स्थल प्रयागराज है। यहीं से इन्होंने बहुत से सोशल वर्क की शुरुआत की। ये उत्तर प्रदेश किन्नर समाज की अध्यक्ष भी हैं।

कौशल्या नंदगिरी महाराज (टीना मां) को "उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड" में प्रदेश सरकार द्वारा सदस्य नामित

आइए जानते हैं महामंडलेश्वर "राप्ती सिमरन" से विशेष बातचीत में क्या कहा!

गोरखपुरकिन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर और प्रदेश प्रभारी कौशल्या नंदगिरी महाराज (टीना मां) को "उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड" में प्रदेश सरकार द्वारा सदस्य नामित किया गया है। 

बोर्ड का गठन और उन्हें बतौर बोर्ड का सदस्य नामित किए जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करने के साथ ही स्थानीय भाजपा नेताओं के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड में बतौर सदस्य नामित किए जाने के पर पहली बार गोखरपुर पहुंची महामंडलेश्वर कौशल्या नंदगिरि महाराज ने "राप्ती सिमरन" से हुई वार्ता में बताया कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किन्नरों के कल्याण हेतु किन्नर कल्याण बोर्ड के गठन के साथ ही उन्हें किन्नरों की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। वहीं उन्हें इस बात का दुख है कि गत 10 नवंबर उनके पिता टेक नारायण थापा (भूतपूर्व सैनिक) का देहांत हो गया है। काश आज वह जीवित होते तो वह भी खुशी के पल में शामिल होते। बावजूद इसके मेरा प्रयास रहेगा कि बोर्ड के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा किन्नर समाज के बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर देने का प्रयास रहेगा। जिससे कि यह भी अच्छी व उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज में बराबरी का स्थान प्राप्त कर सकें। इसके अलावा किन्नरों को रोजगार उपलब्ध कराने का भी पूरा प्रयास करूंगा। 

देहरादून उत्तराखंड में जन्मी महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी (टीना मां) को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित "उत्तर प्रदेश किन्नर कल्याण बोर्ड" में बतौर सदस्य किए जाने पर सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बधाई व शुभकामना संदेश भेजें हैं।

बता दें कि किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर कौशल्या नंदगिरी विगत कई वर्षों से सक्रिय रूप से सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कोरोना काल में भोजन वितरण, वैक्सीन के लिए लोगों को लगातार प्रेरित करने, यातायात नियमों का पालन, शिक्षा के प्रति बच्चों को आकर्षित करने के साथ जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तके व अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराना, मास्क वितरण के साथ ही साथ हाल ही हाल में मतदाता सूची में लोगों का नाम शामिल कराने के लिए भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।महामंडलेश्वर कौशल्या नंदगिरी को सराहनीय कार्य के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

किन्नर अखाड़े की मृदुभाषी महामंडलेश्वर कौशल्या नंदगिरि ने आज अपने सामाजिक कार्यों की बदौलत क्षेत्र ही नहीं अपितु प्रदेश में अपनी विशेष पहचान बना चुकी हैं। वर्ष 2019 के प्रयागराज कुंभ मेले में किन्नर अखाड़े की सदस्य बनी। कौशल्या नंदगिरि ने किन्नर अखाड़ा प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के ने इनकी सक्रिय सामाजिक कार्यों के बदौलत पहले महामंडलेश्वर पद पर सुशोभित किया और 2021 के हरिद्वार कुंभ में पूरे उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष का भी कार्यभार सौंप दिया।

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