गोरखपुर क्रांतिकारियों की धरती : सीएम योगी आदित्यनाथ

बलिवान दिवस पर याद किए गए पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रौशन सिंह और अशफाकउल्ला खाँ 

-एबीवीपी के 61वें प्रान्त अधिवेशन का हुआ समापन

-प्रान्त अधिवेशन के समापन कार्यक्रम में उपस्थित रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रान्त का योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में विगत तीन दिनों से चल रहे 61वें प्रान्त अधिवेशन का समापन हुआ।

प्रान्त अधिवेशन के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रान्त के 61वें प्रान्त अधिवेशन के समापन कार्यक्रम में आने पर मुझे हार्दिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही हैं कि मुझे आज गोरक्ष प्रान्त के प्रान्त अधिवेशन में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ हैं। आज का दिन अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं आज ही के दिन माँ भारती के लाल पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रौशन सिंह और अशफाकउल्ला खाँ को फांसी दी गयी थी। गोरखपुर क्रांतिकारियों की धरती हैं, स्वाधीनता का बिगुल फुकने में इनसभी की महत्वपूर्ण भूमिका हैं तथा गोरक्ष क्षेत्र से प्रारंभ हुआ स्वतंत्रता आंदोलन देश के अन्य इलाकों में फैला। 

आज देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव के रूप में मना रहा हैं। ब्रिटिश हुकुमत को जड़ से उखाड़ फेंकने वाला यह अमृतकाल ऊर्जा का काल हैं, यह ऊर्जा नये भारत के निर्माण की व आत्मभारत के सपनों को साकार करने की ऊर्जा है। आज भारत के प्रति संपूर्ण विश्व का भाव बदल चुका हैं। संपूर्ण विश्व भारत के तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा हैं। जिस मुद्दों को लेकर एबीवीपी की स्थापना हुई वह सपना आज साकार हो रहा है। आज भारत का मुकुट कहा जाने वाला जम्मू कश्मीर एक भारत श्रेष्ठ भारत का अभिन्न अंग बन चुका हैं। वर्षों से विवाद का विषय रहा श्री रामजन्म भूमि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा हैं, भारत को पहचान देने वाले योग को आज संपूर्ण विश्व ने स्वीकार किया हैं, भारत को पहचान दिलाने वाले कुंभ को यूनेस्को ने मानवता के अमृत सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता दी हैं, अब काशी सकरी और तंग गलियों से मुक्त होकर दिव्य और भव्य काशी के रूप में स्थापित हो रहा है। आज पूरे विश्व में उत्तर प्रदेश के वस्तुओं की एक अलग पहचान बन गया हैं। 

एबीवीपी ने तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए समाज में कार्य किया हैं। आज का समय संघर्ष का नही है बल्कि सुशासन के लिए युवाओं की क्या भूमिका हो सकती हैं हमें यह सुनिश्चित करना होगा। राष्ट्रीय एकात्मता के लिए वर्ष 1966 से कार्य कर रहे एबीवीपी के प्रोजेक्ट सील (स्टूडेंट्स एक्सपेरिएंस इन इंटर स्टेट लिविंग) के तहत आज पूर्वोत्तर भारत में अपार परिवर्तन हुआ है। पूर्वोत्तर भारत से विद्यार्थियों को शेष भारत के क्षेत्र में भ्रमण कराकर उन्हें भारत के दूसरे विभिन्न राज्यों के संस्कृति से परिचित कराया जाता है। मुझे भी उन विद्यार्थियों के साथ संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिन समस्याओं से पूर्वोत्तर ग्रस्त था आज उन समास्याओं से पूर्वोत्तर को उभारने में विद्यार्थी परिषद की अहम भूमिका है।

एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य डॉo ने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ की पावन धरती पर आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गोरक्ष प्रान्त के 61 वाँ प्रान्त अधिवेशन स्थान और समय दोनों रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी परिषद की स्थापना राष्ट्र पुनःनिर्माण के सपने को साकार करने के उद्देश्य से हुई। राष्ट्र पुनः निर्माण में युवाओं की प्रत्यक्ष भूमिका हैं। अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थी परिषद ने छात्र हित और राष्ट्र हित से जुड़े प्रश्नों को प्रमुखता से उठाया है और देश व्यापी आंदोलनों का नेतृत्व किया है। दलगत राजनीति से परे समस्याओं के आपेक्षित समाधान हेतु परिषद द्वारा व्यापक पहल भी किया गया है। इसी के फलस्वरूप परिषद की गतिविधियां निरंतर, क्रमबद्ध, सार्थक सिद्ध हुई हैं। भारत को आजादी दिलाने में देश के नौजवानों की महत्वपूर्ण भूमिका थी, भारत के भविष्य का निर्धारण युवाओं पर निर्भर करता हैं। 

एबीवीपी पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही का तीसरे दिन के पहले सत्र में एबीवीपी की स्वर्णिम यात्रा विषय पर भाषण हुआ।

एबीवीपी के 61वें प्रान्त अधिवेशन में चार प्रस्ताव प्रदेश का वर्तमान परिदृश्य, प्रदेश का शैक्षिक परिदृश्य, पूर्वांचल में स्वरोजगार के अवसर, पूर्वांचल में युवाओं हेतू खेल के अवसर पारित किये गये तथा इस पर प्रतिनिधि चर्चा में भाग लिया और इन चारों प्रस्तावों को सम्मति से अनुमोदित किया गया तथा 61वें प्रान्त अधिवेशन प्रान्त के नवीन प्रान्त कार्यकारिणी की घोषणा की गयी। 

इस अवसर पर एबीवीपी की राष्ट्रीय सह छात्रा कार्य प्रमुख प्रोo उमा श्रीवास्तव, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, प्रान्त अध्यक्ष प्रोo सुषमा पांडेय, प्रान्त मंत्री सौरभ गौड़ सहित प्रान्त अधिवेशन में आये समस्त शिक्षक व छात्र कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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